राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद National Council for Teacher Education ने 1 साल का B.ED Course फिर से शुरू कर दिया है। यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत लिया गया है। इस नए नियम से चार साल की स्नातक डिग्री (जैसे BA-B.Ed, B.Sc-B.Ed) या पोस्ट ग्रेजुएशन करने वाले लाखों युवाओं को बहुत फायदा होगा। अब उन्हें 2 साल का B.Ed करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सीधे 1 साल में वे शिक्षक बनने के लिए तैयार हो सकेंगे।
1 साल के B.ED Course में क्या पढ़ाया जाएगा?
यह कोर्स पूरी तरह व्यावहारिक और आधुनिक शिक्षण पर आधारित है। इसमें शामिल हैं:
- शिक्षण कौशल (Teaching Skills)
- क्लासरूम मैनेजमेंट
- नई शिक्षण विधियां (Activity-based, Digital Teaching)
- मूल्यांकन की तकनीक
- बच्चे के मनोविज्ञान की समझ
कोर्स पूरा होने के बाद उम्मीदवार प्राथमिक या उच्च प्राथमिक स्कूलों में सीधे शिक्षक बन सकते हैं। यह कोर्स खास तौर पर स्कूलों में बढ़ती शिक्षकों की कमी को जल्दी पूरा करने के लिए बनाया गया है।
कौन कर सकता है 1 साल का B.ED Course
पात्रता बहुत स्पष्ट है:
- 4 साल की इंटीग्रेटेड स्नातक डिग्री (जैसे B.A.-B.Ed, B.Sc.-B.Ed, B.El.Ed)
- या कोई भी पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री (MA, M.Sc, M.Com आदि) 50% अंकों के साथ
जिनके पास सिर्फ 3 साल की सामान्य स्नातक डिग्री (BA, B.Sc, B.Com) है, उन्हें अभी भी 2 साल का B.Ed ही करना होगा। यानी यह राहत सिर्फ उच्च योग्यता वाले उम्मीदवारों के लिए है।
आवेदन कैसे और कब करें?
अभी तक NCTE ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को नोटिफिकेशन भेज दिया है। कई राज्य सरकारों ने भी अपने शिक्षक भर्ती पोर्टल पर 1 साल के B.Ed को मान्यता देना शुरू कर दिया है।
- ज्यादातर विश्वविद्यालयों में जुलाई-अगस्त 2025 से सत्र शुरू हो रहा है।
- प्रवेश राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा या मेरिट के आधार पर होगा।
- फीस भी 2 साल के कोर्स से काफी कम रखी गई है (लगभग 40-60 हजार रुपये तक)।
इस बदलाव के बड़े फायदे
- समय की बचत: 1 साल कम पढ़ाई से करियर जल्दी शुरू।
- पैसों की बचत: आधी फीस, आधा खर्च।
- जल्दी नौकरी: शिक्षक भर्ती में पहले आवेदन कर सकेंगे।
- बेहतर शिक्षक: पहले से ज्यादा पढ़े-लिखे लोग शिक्षक बनेंगे।
- NEP 2020 का लक्ष्य पूरा: 2030 तक सभी शिक्षकों को उच्च योग्यता अनिवार्य है।
सरकारी और निजी स्कूलों में मान्यता
सभी सरकारी भर्तियां (REET, CTET, TET, KVS, NVS) में 1 साल का यह B.Ed कोर्स पूरी तरह मान्य होगा। निजी स्कूल भी अब इसे प्राथमिकता दे रहे हैं क्योंकि ऐसे शिक्षक पहले से ज्यादा प्रशिक्षित और योग्य होते हैं।
निष्कर्ष: शिक्षा के क्षेत्र में नया दौर
1 साल का B.Ed कोर्स शिक्षक बनने का सबसे तेज और स्मार्ट रास्ता बन गया है। जो छात्र पहले से 4 साल की डिग्री या मास्टर्स कर चुके हैं, उनके लिए यह सुनहरा मौका है। यह कोर्स न सिर्फ शिक्षकों की कमी को जल्दी पूरा करेगा बल्कि कक्षा में पढ़ाने की गुणवत्ता भी बढ़ाएगा।
अगर आपने 4 साल की डिग्री या पोस्ट ग्रेजुएशन किया है और शिक्षक बनना चाहते हैं तो अभी अपने नजदीकी NCTE मान्यता प्राप्त कॉलेज में संपर्क करें। 1 साल का B.Ed कोर्स आपका इंतजार कर रहा है!
FAQ: 1 साल का B.ED Course
सवाल 1: 1 साल का B.ED Course किसके लिए है?
जवाब: यह कोर्स केवल उन्हीं छात्रों के लिए है जिनके पास चार वर्षीय स्नातक डिग्री (B.A. B.Ed, B.Sc. B.Ed, Integrated courses) या पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) डिग्री है .
सवाल 2: तीन वर्षीय ग्रेजुएट (BA, BSc, BCom) नोट क्यों हैं?
जवाब: जिनके पास केवल तीन वर्षीय स्नातक डिग्री है, उन्हें पुराने नियम के अनुसार दो साल का B.ED Course करना होगा .
सवाल 3: 1 साल के B.ED Course का लाभ क्या है?
जवाब: इससे समय और पैसे की बचत होती है, जल्दी शिक्षक बनने का मौका मिलता है, और उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवार ही चुनकर शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ती है .
सवाल 4: क्या एडमिशन के लिए कोई एंट्रेंस जरूरी है?
जवाब: कई विश्वविद्यालय एंट्रेंस टेस्ट या मेरिट आधारित प्रवेश देते हैं। आवेदन की प्रक्रिया हर संस्थान की वेबसाइट पर मिलेगी .
सवाल 5: इस कोर्स के बाद सरकारी शिक्षक बनने के कितने मौके हैं?
जवाब: भारत के स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए यह स्कीम लागू की जा रही है, इसलिए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों दोनों में जॉब के मौके बढ़ेंगे .
सवाल 6: आवेदन कब और कहां शुरू होंगे?
जवाब: अलग-अलग राज्यों और यूनिवर्सिटी की वेबसाइट पर नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आवेदन की तारीख, प्रक्रिया और अन्य जरूरी जानकारी मिलेगी .
सवाल 7: क्या NCTE द्वारा मान्यता जरूरी है?
जवाब: हां, जिस संस्थान से आप B.ED Course करना चाहते हैं, वह NCTE द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए .